पुरस्कार

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पुरस्कार

संस्थान का रजत जयन्ती समारोह वर्ष 1989 में आयोजित हुआ था ।  इसके पूर्व केंद्रीय हिंदी शिक्षण  मंडल की शासी परिषद् (दिनांक 27.10.1988) द्वारा एक प्रस्ताव पारित किया गया था जिसमें अखिल भारतीय स्तर पर हिंदी विद्वानों को पुरस्कृत किए जाने का निर्णय लिया गया, इसके लिए शासी परिषद् ने एक उपसमिति का गठन किया था । उप समिति ने संस्तुति की कि संस्थान के रजत जयन्ती समारोह के अवसर पर अखिल भारतीय हिंदी सेवी सम्मान समारोह आयोजित किया जाय, उसमें कम से कम 25 हिंदी सेवियों को सम्मानित किया जाए, जो देश के सभी भागों के हों, इसके अतिरिक्त उप समिति ने यह भी संस्तुति की कि 1989 से प्रत्येक वर्ष  हिन्दी दिवस (14 सितम्बर) को संस्थान की ओर से कम से कम 10 हिंदी सेवियों को सम्मानित किया जाए ।
इस आधार पर संस्थान में हिंदी सेवी सम्मान योजना 1989 से प्रारंभ हुई, प्रारम्भ में  10 पुरस्कार रखे गए, किंतु वर्ष 2002 से इनकी संख्या 15 कर दी गई | ये पुरस्कार निम्नलिखित हैं -


1. गंगाशरण सिंह पुरस्कार
हिंदी  प्रचार-प्रसार एवं हिंदी प्रशिक्षण के क्षेत्र में
(पुरस्कारों की संख्या-4)
2. गणेश हिंदी  विद्यार्थी पुरस्कार
हिंदी  पत्रकारिता तथा रचनात्मक साहित्य के क्षेत्र में
(पुरस्कारों की संख्या-3)
3. आत्माराम पुरस्कार
वैज्ञानिक एवं तकनीकी साहित्य तथा उपकरण विकास के क्षेत्र में
उल्लेखनीय कार्य के लिए
(पुरस्कारों की संख्या-2)
4. सुब्रह्मण्यम भारती पुरस्कार
हिंदी  के विकास से संबधित सर्जनात्मक / आलोचनात्मक क्षेत्रों
में उल्लेखनीय सेवाओं के लिए
(पुरस्कारों की संख्या-2)
5. महापंडित राहुल सांकृत्यायन पुरस्कार
हिंदी  में खोज और अनुसंधान करने तथा यात्रा आदि के लिए
(पुरस्कारों की संख्या-2)
6. डॉ जॉर्ज ग्रियर्सन पुरस्कार
विदेशों  में हिंदी के प्रचार-प्रसार में उल्लेखनीय कार्य के लिए
(पुरस्कारों की संख्या-1)
7. पद्मभूषण डॉ मोटूरि सत्यनारायण पुरस्कार
भारतीय मूल के विद्वानों को विदेशों में हिंदी प्रचार -प्रसार में उल्लेखनीय कार्य के लिए
(पुरस्कारों की संख्या-1)