विभाग

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सूचना एवं भाषा प्रौद्योगिकी विभाग

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परिचयः

केंद्रीय हिंदी संस्थान का सूचना एवं भाषा-प्रौद्योगिकी विभाग हिंदी के शिक्षण-प्रशिक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार को आधुनिक सूचना-प्रौद्योगिकी माध्यमों एवं नवीनतम संचार-युक्तियों व प्रविधियों से सुसज्जित एवं अद्यतन रखने वाला एक महत्वपूर्ण विभाग है जिसकी परिकल्पना एवं स्थापना संस्थान के विकास के तीसरे चरण (1980 के बाद) की देन है।

उद्देश्य:

सूचना एवं भाषा-प्रौद्योगिकी विभाग के मुख्य उद्देश्य हैं-

(।) प्रथम, द्वितीय, विदेशी एवं प्रयोजनमूलक अध्ययन-अध्यापन की दृष्टि से हिंदी पाठ्यक्रमों/ पाठ्यचर्याओं का संसाधन, पुनर्गठन एवं आधुनिकीकरण।

(॥) हिंदी के बहु-आयामी विकास में नवीनतम सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) उपकरणों और सुविधाओं का अनुप्रयोग, एवं तदनुसार,

(॥।) हिंदी की शिक्षण-प्रशिक्षणपरक सहायक (दृश्य-श्रव्य, इंटरेक्टिव-मल्टीमीडिया) सामग्री का निर्माण, विकास एवं मानकीकरण।

कार्यकलाप:

इन उद्देश्यों की व्यापकता और विशिष्टता को देखते हुए संस्थान के आगरा मुख्यालय में विभाग के समग्र कार्यकलापों को निम्नलिखित स्तर पर प्रस्तुत किया जा सकता है-
(1)  अध्यापन कार्य

(2)  इलेक्ट्रॉनिक (दृश्य-श्रव्य) कक्ष

(3)   कंप्यूटर प्रयोगशाला

(4)   डिज़िटल भाषा प्रयोगशाला

(5)   ऑडियो स्टूडियो एवं डिज़िटल ऑडियो-विज़ुअल एडिटिंग

(6)  संस्थान वेबसाइट डिज़ायनिंग एवं अद्यतनीकरण

(7)   परीक्षा-कार्य

(8)   सॉफ़्टवेयर संबंधी परामर्श एवं कार्यक्रम विकास

(9)  कंप्यूटर हार्डवेयर रखरखाव एवं सुधार

(10)  विभिन्न परियोजनाओं से संबंधित कार्य


विभागीय परियोजनाएं:

1. हिंदी कॉर्पोरा परियोजना
2. भाषा-साहित्य सी.डी. निर्माण परियोजना

विभागीय गतिविधियां:

  • विभाग द्वारा संस्थान में हिंदी का शिक्षण-प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए आने वाले विद्यार्थियों को इलेक्ट्रॉनिक दृश्य-श्रव्य कक्ष एवं भाषा प्रयोगशाला के माध्यम से हिंदी ध्वनियों, शब्दों, वाक्य-साँचों एवं अनुतानों के मानक उच्चारण का प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।
  • कंप्यूटर प्रयोगशाला में संस्थान के स्वदेशी, विदेशी एवं सांध्यकालीन पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को कंप्यूटर के आधारभूत संचालन एवं उपयोग की जानकारी दी जाती है ताकि वे डिज़िटल भाषा प्रयोगशाला अन्य प्रयोग क्षेत्रों में नवीन सूचना-तकनीकी उपकरणों और युक्तियों का प्रभावी ढंग से इस्तेमाल कर सकें और विशेषत: हिंदी में उपलब्ध सूचना-तकनीकी सुविधाओं का लाभ उठा सकें। कंप्यूटर प्रयोगशाला में उपलब्ध हिंदी के वर्ड-प्रोसेसर और डेस्कटॉप पब्लिशिंग सॉफ़्टवेयर पर कार्य सीखना विद्यार्थियों के लिए शैक्षिक-विकास, तकनीकी आत्मनिर्भरता एवं स्वरोज़ग़ार सभी दृष्टियों से उपयोगी सिद्ध होता है।
  • संस्थान द्वारा संचालित निष्णात पाठ्यक्रम के प्रश्न-पत्र “कम्प्यूटर साधित हिंदी भाषा शिक्षण ” का अध्यापन, प्रायोगिक व परियोजना कार्य कम्प्यूटर प्रयोगशाला में करवाया जाता है।
  • IIIT हैदराबाद के सहयोग से स्थापित की गई संस्थान की डिज़िटल भाषा प्रयोगशाला शिक्षार्थियों के लिए हिंदी उच्चारण-शिक्षण और भाषा-शिक्षण की दृष्टि से नवीनतम कंप्यूटरी तकनीक पर आधारित देश की अधुनातन प्रयोगशालाओं की श्रेणी में रखी जा सकती है, जिसका न केवल भाषा शिक्षण अपितु उच्चतर अध्ययन व अनुसंधान की दृष्टि से भी विशेष महत्व है।
  • ऑडियो स्टूडियो एवं डिज़िटल ऑडियो-विज़ुअल एडिटिंग एकक में हिंदी शिक्षण की दृष्टि से शिक्षण-सहायक ऑडियो, वीडियो सामग्री निर्माण एवं संपादन किया जाता है। इसके अलावा यह एकक समय-समय पर संस्थान द्वारा आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों की रिकॉर्डिंग के संकलन एवं संरक्षण का कार्य भी करता रहा है। वर्तमान में एकक द्वारा संस्थान में आरंभ से अभी तक के विविध आयोजनों : संगोष्ठियों,विशेष शैक्षिक व्याख्यानों और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों की पूर्व-संरक्षित रिकॉर्डिंग का डिज़िटलीकरण किया जा रहा है। एकक द्वारा संरक्षित एवं पुनर्निर्मित की जा रही यह सामग्री न केवल अकादमिक महत्व रखती है बल्कि इसका उपयोग उच्चतर अध्ययन व अनुसंधान में भी किया जा सकेगा।
  • संस्थान वेबसाइट डिज़ायनिंग एवं अद्यतनीकरण एकक संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट www.hindisansthan.org की नवरचना और अद्यतनीकरण का कार्य संपन्न कर रहा है। एकक द्वारा शीघ्र ही संस्थान वेवसाइट के द्विभाषी संस्करण को प्रस्तुत किया जाएगा। इसके साथ-साथ संस्थान की विशिष्ट अकादमिक गतिविधियों और परियोजनाओं पर आधारित सहायक लिंक विकसित किये जाने की योजना है।
  • विभाग के परीक्षा-कार्य एकक में संस्थान के विभिन्न अकादमिक विभागों के परीक्षा संबंधी कार्य जैसे:- परीक्षार्थियों का डाटा निर्माण, अंकपत्रों अनंतिम प्रमाणपत्रों एवं अंतिम प्रमाणपत्रों का निर्माण किया जाता है ।
  • इसके अलावा विभाग के माध्यम से संस्थान के सभी छात्रावासों में साइबर कैफे के संचालन, विभागों के लिए सॉफ्टवेयर संबंधी परामर्श एवं माँग पर आधारित कार्यक्रम विकास एवं परामर्श, संस्थान के कंप्यूटरों के रखरखाव एवं सुधार का कार्य भी किया जाता है।

विभागीय सदस्यः

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  1. प्रो. भरत सिंह, विभागाध्यक्ष
  2. श्री अनुपम श्रीवास्तव, प्रवक्ता: अनुप्रयुक्त भाषाविज्ञान
  3. सुश्री प्रीती गुप्ता, प्रवक्ता (अनुबंध)
  4. डॉ. कृष्णगोपाल कपूर, अनु. सहायक
  5. श्रीमती गुंजन जैन, कंप्यूटर प्रोग्रामर
  6. श्री दिवाकरनाथ त्रिपाठी, ध्वनि अंकज्ञ
  7. श्री अनिल कुमार पाण्डेय, तकनीकज्ञ भाषा प्रयोगशाला
  8. श्री खुर्शीद आलम, कंप्यूटर रख-रखाव इंजीनियर(अनुबंध पर)
  9. श्री अनिल शर्मा, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी
  10. श्री केशव, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी

कॉर्पोरा परियोजना अनुभाग :

  1. श्री केशरी नन्दन, प्रवक्ता: अनुप्रयुक्त भाषाविज्ञान, प्रभारी (कॉर्पोरा परियोजना)
  2. श्री हिमांशु अग्रवाल, कंप्यूटर प्रोग्रामर(अनुबंध पर)
  3. श्री आकाश भदौरिया, परियोजना सहायक(अनुबंध पर)
  4. श्री अजय कर्दम, डाटा ऑपरेटर(अनुबंध पर)
  5. श्री इंदर सिंह, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी

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