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दीमापुर केंद्र स्थापना पता: ओल्ड डी0आई0एस0 आफिस बिल्डिंग हाफ नागराजन(एस0सी0 जमीर हाउस के पास) दीमापुर-12 (नागालैंड) दूरभाष: 03862-233152 फैक्स: 03862-233152 उद्देश्य राज्य में सेवारत हिंदी शिक्षकों के लिए लघुअवधीय नवीकरण कार्यक्रम आयोजित किए जाते है। इन नवीकरण कार्यक्रमों के माध्यम से शिक्षकों को भाषाशिक्षण की नवीन प्रविधियों से परिचित कराया जाता है तथा मानक हिंदी के प्रयोग के प्रति उनमें सतत् जागरूकता बनाये रखने का प्रयास किया जाता है। दीमापुर केंद्र को पूर्ण सत्रीय नियमित पाठ्यक्रम के अंतर्गत हिंदी शिक्षण प्रवीण एवं विशेष-गहन हिंदी शिक्षण प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन तथा मणिपुर, नागालैंड राज्य के हिंदी अध्यापकों के नवीकरण कार्यक्रमों का उत्तरदायित्व सौंपा। संगोष्ठी एवं ‘समन्वय पूर्वोत्तर’ पत्रिका : केंद्रीय हिंदी संस्थान, दीमापुर केंद्र द्वारा दिनांक 01.08.07 एवं 02.08.07 को विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया।अन्य गतिविधियाँ : दिनांक 29.10.07 को उपायुक्त दीमापुर के निर्देशानुसार नागालैंड विश्वविद्यालय के अंतर्गत शुरू हो रहे स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टैक्नोलॉजी तथा स्कूल ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज के दीमापुर में उद्घाटन समारोह में राज्यपाल (नागालैंड) एवं मुख्यमंत्री (नागालैंड) की उपस्थिति में केंद्र के प्रवीण एवं विशेष गहन के प्रशिक्षणार्थियों द्वारा राष्ट्रगान प्रस्तुत कर कार्यक्रम में भाग लिया।सत्रांत समारोह : 15 मई, 2008 को दीमापुर केंद्र में ‘सत्रांत समारोह’ का विधिवत् आयोजन किया गया। इस समारोह की अध्यक्षता सुश्री वातिला आओ, प्राचार्य, राजकीय हिंदी शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय, दीमापुर (नागालैंड) ने की। मुख्य अतिथि के रूप में श्री तेमजन जामीर, प्राचार्य, राष्ट्भाषा हिंदी महाविद्यालय पदमपुखरी, दीमापुर (नागालैंड) थे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री हेजोतो सुमी, प्राचार्य, हिंदी साहित्य सम्मेलन परीक्षा केंद्र, दीमापुर (नागालैंड) ने भाग लिया। श्री चंद्रकांत कोठे, क्षेत्रीय निदेशक ने सभी आगंतुकों का स्वागत किया तथा केंद्र के दैनंदिन गतिविधियों का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने सरस्वती वंदना, संस्थान गीत, स्वागत गीत आदि प्रस्तुत किए। मुख्य अतिथि श्री तेमजन जामीर ने नागा-भाषियों को हिंदी के प्रति जागरूक रहने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि भविष्य में नागा भाषा-भाषी हिंदी सीखने के लिए आगे आएँगे। सम्बोधन-भाषण देते हुए श्री हेजेतो सेमा ने कहा, नागालैंड में भाषा की अपनी कोई लिपि नहीं है; लेकिन उनके पास दो लिपि चिन्ह है, हिंदी और अंग्रेजी। हिंदी की लिपि-देवनागरी स्वतंत्र-भारत की लिपि हैं, अतः इसके माध्यम से नागा-भाषा को आगे बढ़ाया जा सकता। श्री वाल्मिकी जी, प्राचार्य, केंद्रीय विद्यालय सेवक, दीमापुर ने कहा भाषा एक मीडिया है जिसके माध्यम से हम एकता ला सकते हैं और यह हिंदी भाषा के माध्यम से ही संभव हो सकता है। अपने अध्यक्षीय वक्तव्य में सुश्री वातिला आओ ने कहा कि नागा भाषा-भाषी लोक हिंदी के प्रति सचेत हो रहे हैं, जिसका उदाहरण ये छात्राध्यापक हैं। यही नागालैंड में हिंदी का भविष्य निर्माण करेंगे।संकाय सदस्य
क्षेत्रीय निदेशक
शैक्षिक वर्ग
कार्यक्षेत्र नागालैंड और मणिपुर राज्य हैं ।पाठ्यक्रम शिक्षण-प्रशिक्षण
वर्ष 2006-07 में हुए नवीकरण पाठयक्रमों का विवरण
वर्ष 2007-08 में हुए नवीकरण पाठयक्रमों का विवरण
वर्ष 2007-08 में हुएसंवर्धनात्मक पाठ्यक्रम/कौशलपरक पाठ्यक्रम/नियमित पाठ्यक्रम का विवरण
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