पूर्वोत्तर सामग्री निर्माण विभाग
पीछे
विभागीय गतिविधियां
- पूर्वोत्तर राज्यों की पाठ्य पुस्तकों (सिक्किम, नागालैण्ड, मिजोउरम, मेघालय) का निर्माण कार्य संपन्न हो चुका है।
- मेघालय राज्य के लिये कक्षा 5,6,7, व 8 तथा सिक्किम मिजोरम के लिये कक्षा 4 से 8 तक की हिन्दी पाठ्य-पुस्तकें तैयार कर सौंपी जा चुकी है।
- हिंदी शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान दीमापुर, नागालैण्ड के लिये पाठ्यक्रम से संबधित 11 पुस्तकें तैयार करके नागालैण्ड सरकार को भेजी जा चुकी हैं।
- मिजोउरम सरकार की माँग के अनुसार 3500 शब्दों का हिंदी-मिजोउ अध्येता कोश तैयार कर सौंपा जा चुका है।
- मेघालय राज्य के कक्षा 8 तक के छात्रों के लिये शैक्षिक व्याकरण का निर्माण कार्य अपने अंतिम चरम में है।
- पूर्वोत्तर लोक साहित्य परियोजना की 57 भाषों के लोक साहित्य का हिंदी में अनुवाद करने का उद्देश्य, प्रत्येक भाषा के लिये दो-दो संपादक नियुक्त किए गए हैं, प्रथम चरण में 8 भाषा (असमिया, बोडो, गारो, खासी, मिजो, मणिपुरी, काकबरा व लोथा) पर कार्य किया जा रहा है।
- मिजोउ लोक साहित्य प्रथम खण्ड प्रकाशित हो चुका है। साथ ही बोडो लोक साहित्य का संपादन कार्य चल रहा है।
- सिक्किम, नागालैण्ड, मिजोउरम और मेघालय राज्यों के लिए अध्येता शब्दकोश निर्माणाधीन है।
- सिक्किम, नागालैण्ड, मिजोरम, मेघालय, त्रिपुरा और असम राज्यों के लिये 17 व्यतिरेकी व्याकरण की पुस्तकें निर्माणाधीन है।
- मानक हिंदी शिक्षण की पुस्तक विभाग के द्वारा तैयार की जा रही है।
विभागीय सदस्यः
शैक्षिक सदस्य
- प्रो. श्रीशचन्द जैसवाल, विभागाध्यक्ष
- प्रो. सतवीर सिंह,
- डॉ. राजबली पाठक, अनुसंधान सहायक
प्रशासनिक सदस्य
- श्रीमती मंजू नाथ, ल0श्रे0लिपिक
- श्री किशन लाल, सफाई कर्मचारी
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