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शिलांग केंद्र स्थापना शिलांग केंद्र की स्थापना वर्ष 1976 में हुई थी।पता: लोवर लाच्छुमियर, शिलांग, 793014 (मेघालय)दूरभाष: 0364-227097 फैक्स: 0364-2227097 उद्देश्य राज्य में सेवारत हिंदी शिक्षकों के लिए लघुअवधीय नवीकरण कार्यक्रम आयोजित किए जाते है। इन नवीकरण कार्यक्रमों के माध्यम से शिक्षकों को भाषाशिक्षण की नवीन प्रविधियों से परिचित कराया जाता है तथा उन्हें मानक हिंदी के प्रयोग के प्रति सतत् जागरूक रखने का प्रयास किया जाता है।संकाय सदस्य शैक्षिक वर्ग
प्रशासनिक वर्ग
कार्यक्षेत्र मेघालय, मिज़ोरम व त्रिपुरा राज्य पाठ्यक्रम
पाँच दिवसीय हिंदी अधिगम कार्यशाला (दिनांक : 14.09.09 से 18.09.09 तक)प्रतिवेदन केंद्रीय हिंदी संस्थान, क्षेत्रीय केंद्र : शिलांग द्वारा केंद्र सरकार के कार्यालयों के खासी एंव गारो कर्मचारियों (नराकास से संबद्ध) के लिए पाँच दिवसीय ‘हिंदी अधिगम कार्यशाला’ का आयोजन दिनांक 14.09.09 से 18.09.09 तक संस्थान परिसर में किया गया। कार्यशाला का उद्घाटन दिनांक 14.09.09 को 11:00 बजे हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में श्री लाबोर मालड़याग, डिप्टी सी.ई.एम., के.एच.ए.डी.सी., शिलांग उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. विवेक श्रीवास्तव, हिंदी विभाग, नेहू ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो. एस. लामारे, वरिष्ठ प्रवक्ता, खासी विभागस सेंट एडमंड कॉलेज एवं श्री एच. एन. त्रिवेदी, सहा. निदेशक, हिंदी शिक्षण योजना (गृह मंत्रालय, भारत सरकार), शिलांग उपस्थित रहे। सर्वप्रथम केंद्रीय हिंदी संस्थान, शिलांग केंद्र के क्षेत्रीय निदेशक प्रो. विद्याशंकर शुक्ल ने अतिथियों का स्वागत किया। इसके उपरांत प्रतिभागियों ने अपना परिचय दिया। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती एस. जीन. ड्खार ने किया। उद्घाटन सत्र के पहले 26 प्रतिभागियों का पंजीकरण हुआ। अध्यापन कार्य डॉ. अशोक मिश्र, डॉ. विद्याशंकर शुक्ल, केंद्रीय हिंदी संस्थान, डॉ. के एम. मिश्र, हिंदी शिक्षण योजना, राजभाषा विभाग, शिलांग (गृह मंत्रालय, भारत सरकार), डॉ. आलोक दीपक उपाध्याय श्रीमती एस.जीन ड्खार और सुश्री मारकोर शीशा ड्खार, शिलांग (सभी अतिथि अध्यापक) द्वारा किया गया। सुश्री मारकोर शीशा ड्खार ने प्रतिभागियों को कंप्यूटर पर हिंदी का प्रशिक्षण भी दिया। दिनांक 18.09.09 को प्रतिभागियों का परीक्षण लिया गया, जिसमें उनकी प्रगति और परीक्षा फल उत्साहजनक और हिंदी सीख जाने की दिशा में अग्रसर रहा। परीक्षपोपरान्त परिणाम में क्रमश श्रीमंती जेवेवी वाहलाड़, प्राथमिक शिक्षिका, केंद्रीय विद्यालय, हैप्पी वैली, शिलांग श्री माईकल मजाव, ल.श्रे.लिपिक, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, उमियाम, मेघालय, श्रीमती मीपिली नाड़किनरी, प्राथमिक शिक्षिका, केंद्रीय विद्यालय, हैप्पी वैली, शिलांग प्रथम द्वितीय, तृतीय रहीं। इन प्रतिभागियों को पुस्तकें भेंट कर पुरस्कृत किया गया। कार्यशाला का समापन समारोह 3:00 बजे अपराह्न को हुआ। इस अवसर पर श्रीमती एन.शङाप, केंद्र निदेशक, आकाशवाणी, शिलांग मुख्य अतिथि रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमती हेप्पी बलाह, भूतपूर्वक संयुक्त शिक्षा सचिव, मेघालय सरकार ने की। विशिष्ट अतिथि प्रो.(श्रीमती) एस, ड्खार, अध्यक्ष, खासी विभाग, नेहू, शिलांग एवं श्री एन.मुनीश सिंह, क्षेत्रीय अधिकार, भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद्, शिलांग रहे। मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि एवं अध्यक्ष ने अपने-अपने वक्तव्य में यही संकेत दिया कि केंद्रीय हिंदी संस्थान पूर्वोत्तर में हिंदी के बढ़ावा देने के लिए स्थानीय लोगों के साथ मिलकर कार्य करेगा तभी स्थिति बेहतर होगा। अपनी प्रतिक्रिया में अधिकतर प्रतिभागियों ने कहा कि यह कार्यक्रम हिंदी सीखने का सबसे अच्छा अवसर प्रदान करता है। हिंदी हमारे लिए जरूरी है। अन्त में धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अशोक मिश्र ने किया। 101 वाँ नवीकरण पाठ्यक्रम (दिनांक 02.09.09 से दिनांक 11.09.09)प्रतिवेदन केंद्रीय हिंदी संस्थान, क्षेत्रीय केंद्र : शिलांग द्वारा मिज़ोरम राज्य के कोलासिब जिले में दिनांक 02.09.09 से दिनांक 11.09.09 तक 101 वाँ नवीकरण पाठ्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन दिनांक 02.09.09 को कोलासिब के सी.आर.सी. हॉल में पूर्वाह्न 10:30 बजे हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्री डी. ल्यानथ्लीरा, डी.ई.ओ. कोलासिब थे। क्षेत्रीय निदेशक प्रो. विद्याशंकर शुक्ल ने क्वागत भाषण दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमती लालहिड़थाडडी, एच.पी.ओ. कोलासिब ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री.पी.लालरिड़किमा, प्राधानाध्यापक, हायर सेकेंडरी स्कूल, कोलासिब उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. आलोक दीपक उपाध्याय ने किया। अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अशोक मिश्र ने किया। उद्घाटन समारोह के पहले 23 प्रतिभागियों का पंजीकरण हुआ। उद्घाटन समारोह के बाद इस दस दिन की अवधि के दौरान प्रतिभागियों के प्रशिक्षण हेतु निम्नलिखित पाट्यक्रम निर्धारित किये गये – 1. भाषा का सामान्य परिचय 2. हिंदी संचरना 3. हिंदी का सामान्य परिचय, प्रकृति तथा बोलियाँ एवं प्रयोग 4. द्वितीय भाषा शिक्षण प्रविधित 5. मिज़ोरम के हिंदी पाठ्य पुस्तकों संबंधी कठिनाइयों का निवारण और 6. अभिव्यक्तिपरक क्रियाकलाप। उपर्युक्त विषयों का अध्यापन डॉ. अशोक मिश्र और डॉ. आलोक दीपक उपाध्याय (अतिथि अध्यापक) डॉ. विद्याशंकर शुक्ल के द्वारा किया गया। इन सब के बीच में प्रतिभागियों को खुलकर अपने अभिव्यक्तिपरक विचार प्रस्तुत करने का मौका दिया गया। एक दूसरे की सांस्कृतिक गतिविधियों के विभिन्न पहलुओं से रूबरू करवाया गया। मिज़ोरम की हिंदी पाठ्य पुस्तकों को पढ़वाकर उनकी कठिनाइयों का निराकरण किया गया। दिनांक 10.09.09 को प्रतिभागियों का पर-परीक्षण लिया गया। पाठ्यक्रम समापन समारोह दिनांक 11.09.09 को 2:30 बजे अपराह्न संपन्न हुआ। समापन समारोह के मुख्य अतिथि श्री डी. लियानथ्यलीरा, डी.ई.ओ. कोलासिब थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमती लालहिड़थाड़ी, एच.पी.ओ. कोलासिब ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री पी. लालरिड़किमा, प्राधानाध्यापक, हायर सेकेंडरी स्कूल, कोलासिब उपस्थित रहे। सर्वप्रथम क्षेत्रीय निदेशक प्रो. विद्याशंकर शुक्ल ने अतिथियों का स्वागत करते हुए भाषण दिया, तत्पश्चात डॉ. आलोक दीपक उपाध्याय ने पूरे कार्यक्रम की रिपोर्ट प्रस्तुत की। मुख्य अतिथि महोदय ने मार्गदर्शन से युक्त भाषण दिया, उसके बाद प्रतिभागियों के द्वारा सांस्कृतिक पारंपरिक नृत्यगीत का कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। वर्ष 2006-07 में हुए नवीकरण पाठयक्रमों का विवरण
वर्ष 2007-08 में हुए नवीकरण पाठयक्रमों का विवरण
वर्ष 2008-09 में हुए नवीकरण पाठयक्रमों का विवरण
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