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पोस्ट एम. ए. अनुप्रयुक्त हिंदी भाषा विज्ञान उच्च डिप्लोमा उद्देश्य (क) आधुनिक भाषाविज्ञान के विभिन्न संप्रदायों से परिचित कराना ।(ख) रुपांतरण प्रजनक व्याकरण प्रारूप में हिंदी का विश्लेषण कराना । (ग) अनुप्रयुक्त हिंदी भाषाविज्ञान के क्षेत्र में शोध - प्रबन्ध इस प्रकार कुल पाँच प्रश्न-पत्र होगे। जिनका विवरण इस प्रकार हैं- प्रवेश के सामान्य निर्देश: प्रवेश के लिए आवेदन -पत्र कार्यालय से माह जून,जुलाई में प्राप्त किए जा सकते है। आवेदन -पत्र के साथ उत्तीर्ण परीक्षाओं की अंतकतालिकाओं और प्रमाण -पत्रों की प्रतिलिपियाँ लगाना आवश्यक है। पाठ्यक्रमों में प्रवेश के समय मूल प्रमाण पत्रों को कार्यालय में दिखाना अनिवार्य है। प्रवेश पत्र पर प्रवेश परीक्षा, साक्षात्कार की तारीख,समय और स्थान आदि दिये गये हैं। इसके लिए अलग से सूचना नहीं भेजी जायेगी। प्रवेश परीक्षा तथा साक्षात्कार में सम्मिलित होने के लिए प्रवेश पत्र दिखाना अनिवार्य है। सेवारत प्रवेशार्थियों को अपने कार्यालय से अनापत्ति-पत्र प्राप्त करना अनिवार्यहै। आवेदन -पत्र के साथ अनापत्ति संलग्न न होने पर पाठ्यक्रम में प्रवेश लेते समय अनापत्ति पत्र प्रस्तुत करना होगा। शैक्षिक रिकार्ड, प्रवेश परीक्षा और साक्षात्कार के आधार पर प्रवेशार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा। प्रवेश परीक्षा और साक्षात्कार में सम्मिलित होने के लिए किसी प्रकार का मार्ग व्यय नहीं दिया जायगा। प्रवेश की न्यूनतम योग्यताए किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर (एम. ए. /एम. एस. सी.आदि) या उसके समकक्ष उपाधि तथा स्नातक स्तर पर हिंदी का एक विषय के रूप् में अथवा स्नातक स्तर तक हिंदी माध्यम से अध्ययन। (अनुप्रयुक्त हिंदी भाषाविज्ञान उच्च डिप्लोमा के लिए किसी मान्यता प्राप्त संकाय से भाषाविज्ञान में डिप्लोमा अथवा एम. ए.भाषाविज्ञान )पाठ्यक्रम की अवधि तथा शुल्क: पाठ्यक्रम की अवधि एक शैक्षिक वर्ष-जुलाई - अगस्त से मई-जून है।
वार्षिक परीक्षा विशेष (ख) एस.सी./एस.टी./ओ.बी.सी.के छात्रों के प्रवेश चयन में कुल 10 प्रतिशत अंकों की छूट दी जाएगी। (ग) एस.सी./एस.टी./ओ.बी.सी.के छात्रों को केवल शिक्षण शुल्क मे 50;की छूट दी जाएगी। (घ) शुल्क जमा करा देने के पश्चात् उसे किसी भी परिस्थिति में लौटाया नहीं जाएगा। विशेष टिप्पणी अनुशासनहीन आचरण के लिए विद्यार्थी को दंडित किया जाएगा और प्रवेश रद्द किया जाएगा।पाठ्यक्रम की रुपरेखा पाठ्यक्रम में परिवर्तन की संभावना है।प्रश्न -पत्र -1 आधूनिक भाषाविज्ञान के संप्रदाय तथा रूपांतरण प्रजनात्मक व्याकरण प्रारूप में हिंदी का विश्लेषण। 100 अक प्रश्न-पत्र-2 समाज भाषाविज्ञान - भारतीय भाषिक संदर्भ 100 अंक प्रश्न पत्र -3 एवं 4 (निम्नलिखित में से कोई दो) (क) भाषिक शैली विज्ञान और साहित्य समीक्षा (ख) कोशविज्ञान एवं कोशनिमार्ण : सिध्दांत और प्रविधि (ग) प्रयोजनमूलक हिंदी (घ) मनोभाषाविज्ञान (ड़) भाषा प्रोद्योगिकी (च) अनुवाद का सैद्धांतिक एवं अनुप्रयोगिक संदर्भ प्रश्न-पत्र-5 200 अंक इस प्रकार कुल अंक 600 होगे। |